Cookies must be enabled to use this website.

Book Image Not Available Book Image Not Available
Book details
  • Genre:RELIGION
  • SubGenre:Christian Life / Prayer
  • Language:Hindi
  • Pages:200
  • eBook ISBN:9781949399387

आत्मिक भाषा की सुन्दरता

by Jack Hayford View publisher's profile page

Book Image Not Available Book Image Not Available
Overview
अन्य भ ाषा में ब ोलने के प्रत ि जैक हैफ़ोर्ड का दृ ष्टिकोण रू ढ़िबद्ध धारणा पर आ धारित नहीं ह ै। लोग अकसर सोचते ह ैं कि अन्य भाषा में बोलना या तो बड़बड़ करना होता ह ै या फिर भावनात्म क अतिशयोक्ति होती ह।ै वे सोचते ह ैं कि यह अनोखा, नाटकीय या कभी-कभी सीमा से बाहर होता ह।ै यहाँ तक कि आत्मा -से-भरे हुए समदु ायों के मध्य में भी, अन्य भाषा के महत्व के विषय में असहमति पाई जाती ह।ै पास्टर जैक अन्य भाषा को मसीही अनुभव के एक सामान्य अंश के रूप में स्वी कार करने के लि ए एक ठोस तथ्यों को रखते ह।ैं बाइबल के शब्दों में बुद्धिमानी सहि त वह परमेश्वर के मन के साथ इसकी व्या ख्या करने के लि ए साम्प्रदायि क सीमाओ ंसे परे चले जाते ह।ैं इस संशोधित और विस्ता रित संस्करण में पास्टर जैक के अप्रकाशि त 14 अध्याय भी सम् मिलि त कि ए गए ह।ैं
Description
अन्य भ ाषा में ब ोलने के प्रत ि जैक हैफ़ोर्ड का दृ ष्टिकोण रू ढ़िबद्ध धारणा पर आ धारित नहीं ह ै। लोग अकसर सोचते ह ैं कि अन्य भाषा में बोलना या तो बड़बड़ करना होता ह ै या फिर भावनात्म क अतिशयोक्ति होती ह।ै वे सोचते ह ैं कि यह अनोखा, नाटकीय या कभी-कभी सीमा से बाहर होता ह।ै यहाँ तक कि आत्मा -से-भरे हुए समदु ायों के मध्य में भी, अन्य भाषा के महत्व के विषय में असहमति पाई जाती ह।ै पास्टर जैक अन्य भाषा को मसीही अनुभव के एक सामान्य अंश के रूप में स्वी कार करने के लि ए एक ठोस तथ्यों को रखते ह।ैं बाइबल के शब्दों में बुद्धिमानी सहि त वह परमेश्वर के मन के साथ इसकी व्या ख्या करने के लि ए साम्प्रदायि क सीमाओ ंसे परे चले जाते ह।ैं इस संशोधित और विस्ता रित संस्करण में पास्टर जैक के अप्रकाशि त 14 अध्याय भी सम् मिलि त कि ए गए ह।ैं
About the author
जैक हफै ़ोर्ड को उनकी सन्तुलि त शि क्षा के लि ए जाना जाता ह,ै जो बाइबल के अपरिवर्त नीय सत्य के प्रति विश्वास- योग्य शि क्षा ह।ै वह वैन नुय्स, कै लिफोर्निय ा में स्थि त द चर्च ऑन द वे के संस्था पक पास्टर थे, और उन्होंने 2004-2009 तक द इटं रनेशनल चर्च ऑफ फो रस्क्वाय र गोस्पेल के अध्यक्ष के रूप में कार्य किय ा ह।ै पास्टर जैक वर्तम ान में द कि ं ग्स यूनिवर्सि टी के चांसलर के रूप में कार्यरत ह।ैं

Other titles by this author/publisher

Thanks for submitting a review!

Your review will need to be approved by the author before being posted.

See Inside
Front Cover

Loading book cover...

Book Image Not Available Book Image Not Available
Session Expiration WarningYour session is due to expire.

Your online session is due to expire shortly.
Would you like to extend your session and remain logged in?

Session Expired

Your session has expired.We're sorry, but your online session has expired.
Please log back into your account to continue.